“जो आपके अवचेतन मन में है वही बाहर है, आप आपके अवचेतन मन के जितने गहराई में जाओगे उतनी प्रचंड शक्तिशाली अद्भुत क्षमता आपको छुपी हवी मिल जाएगी। जैसे हिरा गहराई में मिलता है वैसे ही आपकी अद्भुत शक्तिशाली क्षमता आपके अवचेतन मन के गहराई में मिलेगी, सब आपके अवचेतन मन में छुपा है।”


अश्विनीकुमार

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