“आपको जो चाहिए वो आकर्षित नहीं हो रहा है कारण आप चेतन मन से भले सकारात्मक विचार करते होगे पर अवचेतन मन में जो चाहिए उसकी जगह जो नहीं चाहिए उस बारे में सोचते हो।”

अश्विनीकुमार

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